निबंध भाषण हिंदी

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस २०१८ निबंध भाषण हिंदी में | World Consumer Rights Day 2018 Essay Speech in Hindi

World Consumer Rights Day 2018 15 March Essay, Speech, Article Date, History & Purpose
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टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ने हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को कही हद तक आसान और सुखकर बनाया है. आज हम बिना अपने घर से बहार निकले इंटरनेट के इस्तेमाल से कोई भी चीज़ खरीद या बेच सकते है. ऑनलाइन शॉपिंग हमारी रोजाना जिंदगी का हिस्सा बन गया है. कई देसी और विदेशी कम्पनिया अपने ग्राहकोपर छूट की मानो बारिश ही कर रहीं है, जोकि ग्राहकोंके लिए काफी अच्छी बात है. लेकिन असली मुसीबते तब शुरू होती है जब ग्राहक को दोषपूर्ण प्रोडक्ट मिलता है. वह दोषपूर्ण प्रोडक्ट वापस करनेमे तथा ग्राहक की भुगतान की वापसी में ग्राहक को कई कठिनाइयोंका सामना करना पड़ता है.

एक ग्राहक होने के नाते हमारा यह हक़ बनता है की हमे हमारे पैसो के मुताबिक उचित और अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोडक्ट मिले और कम्पनिया हमारे प्रश्नो का उत्तर तथा हमारी समस्याओंका समाधान करे. ग्राहक तथा उपभोक्ता की समस्याओंका का निर्मूलन और उनको अपने हक़ दिलाने के लिए कई राष्ट्रीय तथा आंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई व्यक्ति तथा संस्थाए काम कर रही है. विश्व ग्राहक हक्क दिवस तथा विश्‍व उपभोक्‍ता अधिकार दिवस यह दिन ग्राहकोंको अपने हक़ तथा अधिकार दिलाने और उनकी समस्याओंपे  प्रकाश डालने के लिए दुनियाभर में मनाया जाता है. तो आपको भी यह सवाल होगा की कब की उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है? चिंता मत कीजिये इस लेख के माध्यम से आपके सभी प्रश्नोंका समाधान होगा. इस लेख में दी हुई जानकारी आपको विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर निबंध, भाषण, वादविवाद स्पर्धाओंमे मदद करेगी.

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2018

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस हर साल १५ मार्च के दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है. इस दिन को विश्व उपभोक्ता दिवस के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन ग्राहक तथा उपभोक्ताओंके हक़ के बारे में जनजागृति करने के हेतु से मनाया जाता है. ग्राहक कई बार बड़ी कंपनियों के द्वारा फसाये जाते है क्योंकि उन्हें खुदके मुलभुत अधिकारोंका ज्ञान नहीं होता. यह दिन कंस्यूमर्स  इंटरनेशनल(Consumers International) नामक एक संस्था जो की दुनियाभरके कई छोटे बड़े ग्राहक संघठनोंका एक महासंघ है उनके द्वारा परिचित किया गया था. हर साल दुनियाभर की कई व्यक्ति तथा संस्थाए यह दिन मनाती है. यह एक ऐसा आंतरराष्ट्रीय दिन है जो ग्राहकोंको अपनी समस्याएं एक जागतिक मंच पर पेश करने का अवसर देता है. तो चलिए जाते है विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस का इतिहास तथा उद्गम और कब पहला विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया गया था.

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस का उद्गम  तथा इतिहास

१५ अप्रैल १९६२ के दिन अमरीका के भूतपूर्ण राष्ट्रपति जॉन ऍफ़. केनेडी ने अमरीकी कांग्रेस को सम्बोधित करते हुए यह कहा की,

 “उपभोक्ता की सज्ञा के अनुसार हम सब एक उपभोक्ता है. उपभोक्ता किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े भाग है और सार्वजानिक तथा निजी निर्णयोंको यह प्रभावित करते है और उनसे प्रभावितभी होते है. इनका मत कई बार दुर्लक्षित किया जाता है.”

अपने इस भाषण के दरमियान उन्होंने दुनियाभरके उपभोक्ताओंके द्वारा अनुभव की हुई समस्याओंपे प्रकाश डाला और इसके बारेमे कदम उठाने का प्रस्ताव रखा. पहला विश्वास उपभोक्ता अधिकार दिवस १५ अप्रैल १९८३ को कंस्यूमर इंटरनेशनल द्वारा पुरिया दुनिया में मनाया गया. इस संस्था के दुनियाभरके १२० देशोंमें २५० सदस्य संस्थाए है. उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्त्ता अनवर फज़ल ज्योंकि कंस्यूमर इंटरनेशनल के लिए काम करते है, उन्होंने १५ अप्रैल को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मानाने का प्रस्ताव रखा.

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विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस का उद्देश्य | विश्व उपभोक्ता दिवस क्यों मनाया जाता है?

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस दुनियाभर में ग्राहक तथा उपभोक्ताओंके मूलभूल अधिकारोंके बारेमे जागृति बढ़ने के हेतु से मनाया जाता है. इस दिवस के माध्यम से ग्रहकोंके अधिकारोंका सम्मान और संरक्षण तथा कम्पनियोंका ग्रहकोंके साथ का बर्ताव सुधारने का महत्वा जताया जाता है. इस दिन कई अभियनोंका प्रारंभ किया जाता है जो सरकार की ग्रहकोंके बारेमे जी नीतिया है उनमे बदलाव करने के लिए काम करते है.

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस थीम २०१८

हर साल विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस को एक थीम के हिसाब से मनाया जाता है. २०१७ के विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के लिए थीम थी “Building a Digital World Consumers Can Trust : एक ऐसे डिजिटल जगत का निर्माण जिसपे ग्राहक भरोसा कर सके” यह है. २०१८ के  विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम “Making digital marketplaces fairer : ऑनलाइन व्यवसायोंको और भी पारदर्शक तथा निष्पक्ष बनाना. “

निष्कर्ष

ग्राहक तथा उपभोक्ता किसीभी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा होते है. हर ग्राहक का यह अधिकार होता है की उसे अपने पैसे के सही मूल्य में एक दोषरहित तथा गुणवत्तापूर्ण वस्तु मिले. उनके समस्याओंको को व्यापारियोंने सुन्ना चाहिए और उनका हल ढूँढना चाहिए. दुनियाभर में ग्राहकोंके  हक़ तथा अधिकारोंके बारेमे जानजागृति करने की बहोत आवश्यकता है. क्योंकि अगर ग्राहक खुश है तभी अर्थव्यवस्था भी विकसित होगी. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस उसी दिशा में एक यशस्वी कदम है.

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About the author

Ajay Chavan

प्रणाम दोस्तों, मैं हु अजय चव्हाण. मैं आप ही की तरह एक सरफिरा हु जो अपने ख्वाब पुरे करने और इस विश्व में अपनी पहचान बनाने निकल पड़ा हु.
मैं खुद को भाग्यशाली समझता हु की मेरी लिखाई लोगो के काम आती है.
और हां! मैं TeenAtHeart का Co-Founder और COO भी हु. :)